सीतापुर(उत्तर प्रदेश): जनपद में शनिवार को आयोजित वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में ऐतिहासिक सफलता दर्ज की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में विभिन्न न्यायालयों एवं प्रशासनिक विभागों के सहयोग से कुल 2,08,392 वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराया गया। इस दौरान मुकदमों और रिकवरी मामलों को मिलाकर कुल 10,62,81,933 रुपये के सेटलमेंट और वसूली आदेश पारित हुए। लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आशीष जैन ने दीप प्रज्वलित कर किया।
प्रदर्शनी का अवलोकन व प्रमाण पत्र वितरण.उद्घाटन सत्र के बाद जनपद न्यायाधीश एवं न्यायिक अधिकारियों ने समाज कल्याण विभाग व जिला प्रोबेशन कार्यालय के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। जनपद न्यायाधीश ने जेल बंदियों द्वारा बनाई गई सामग्रियों की प्रदर्शनी व एनआरएलएम स्टॉल का मुआयना किया। इस दौरान व्यापार मंडल व मैक्स हॉस्पिटल के सहयोग से निःशुल्क चिकित्सीय शिविर का भी आयोजन हुआ।
न्यायालयों में तेजी से निपटे मुकदमे, 27 जोड़ों में हुआ सुलह.न्यायिक स्तर पर जनपद न्यायाधीश एवं अपर जिला न्यायाधीशों ने 353 वादों का निस्तारण किया। परिवार न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश मंजुला सरकार 31 वाद व अपर प्रधान न्यायाधीश आभा पाल 104 वाद ने कुल 135 मामलों का फैसला कराया, वहीं प्री-लिटिगेशन में 27 अलग रह रहे जोड़ों को राजी कर विदा कराया गया। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के अध्यक्ष मो. गुलामुल मदार ने 102 मामलों में 6.01 करोड़ रुपये से अधिक का अवार्ड पारित किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट व अन्य अधीनस्थ अदालतों ने 6,073 और उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव ने 12 मामलों का निस्तारण किया।
प्रशासनिक विभागों व बैंकों ने की रिकॉर्ड रिकवरी.प्रशासनिक पटल पर राजस्व न्यायालयों ने 61,197, जिला विकास अधिकारी ने 83,171, मुख्य चिकित्साधिकारी ने 27,681, पूर्ति विभाग ने 7,019 और नगर निकायों व अन्य विभागों ने मिलकर मामलों का निस्तारण किया। बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों ने प्री-लिटिगेशन बैंक रिकवरी के 1,488 मामलों का निपटारा कर 10.26 करोड़ रुपये से अधिक की समझौता राशि की रिकवरी सुनिश्चित की।



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